ताजमहल: सच्चे प्यार और सौंदर्य का प्रतीक - TIR News - The India Review


 

ताजमहल: सच्चे प्यार और सौंदर्य का प्रतीक

August 14, 2018

“ताजमहल निर्माण कला का एक टुकड़ा नहीं है, जैसा कि अन्य इमारतें हैं, बल्कि एक सम्राट के प्यार का जुनून और गर्व पत्थरों में ताजील किए गए बोलती इमारत है” – सर एडविन अर्नोल्ड

भारत में कई अद्भुतस्थल और स्मारक हैं और उनसेरुबरु होना देश के समृद्ध इतिहास से परिचित होने का एक शानदार तरीका है। यदि एक स्थल या स्मारक जिसे तुरंत भारत की पहचान के साथ समानार्थी माना जाता हो,तो यह सुंदर ताजमहल है। उत्तरी भारतीय शहर आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित,ताजमहल बेहद सुंदरताऔर गर्व का प्रतीक है। निस्संदेह यह एक महान और सबसे उत्कृष्ट भारतीय ऐतिहासिक स्मारक है जो हर साल दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करता है। ‘ताजमहल’ जिसका शाब्दिक अर्थ – ‘ताज’ का अर्थ है शहंशाह और ‘महल’ जिसका मतलब विशाल भवन है। इसे१६३२में भारत के मुगल साम्राज्य में १६२८-१६५८ ईस्वी के शासनकाल के दौरान पांचवें मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा शुरू किया गया था। वह अपनी खूबसूरत पत्नी मुमताज महल जिनसेउनकोबेहद लगाव थाऔर उनकी याद मेंआकर्षक विशिष्ट मकबरा बनवाना चाहते थे,१६३१में मुमताज महल की मृत्यु हो गई थी। उनके मृत्यु के पश्चात शाहजहां ने इस मकबरे में एक कब्र कि भी नींव रखी जहां मुमताज महल की समाधि है। ताजमहल की वास्तुकला की सुंदरता और भव्यता ने इसे २०००और२००७ में चुने गए दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक के रूप में पंजीकृत किया गया है।

ताजमहल के निर्माण मे पूरे भारत और मध्य एशिया से २०वर्षों की अवधि तक २०,००० श्रमिकों (राजमिस्त्री, पत्थर गढ़ने वाला, सुलेखक और कारीगर) और ३.२ करोड़ भारतीय रुपये की कुल व्यय (उस समय१अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर) हुई थी। शाहजहां वास्तव में एक कलात्मक रूप से इच्छुक व्यक्ति थे, उन्होंने सैकड़ों डिज़ाइनों को खारिज कर दिया आज के ताजमहल को मंजूरी देने से पहले। ताजमहल के मुख्य डिजाइनर उस्ताद अहमद लाहोरीजो एक फारसी वास्तुकार थे, उन्होंने ही नई दिल्ली में प्रसिद्ध लाल किले का डिजाइन भी किया था। उस समय निर्माण सामग्री को लाने के लिए १००० हाथियों का उपयोग किया गया था। १७वीं शताब्दी में भी इस खूबसूरत स्मारक का डिजाइन अपने समय के लिए बहुत मजबूत था और यह किसी भी प्राकृतिक आपदाओं (तूफान, भूकंप इत्यादि) से नष्ट होने से रोकने के लिए थोड़ा सा बाहर के तरफ झुका हुआ है।

ताजमहल की संरचना के लिए, अलग-अलग फारसी, इस्लामी तुर्की और भारत समेत वास्तुकला शैलियों और विचारोंसे शैली का उपयोग किया और इसे मुगल वास्तुकला के “सर्वोच्चशिखर” के रूप में जाना जाता है। मुख्य मकबरा सफेद संगमरमर से बना है, जबकि किफायती संरचना लाल बलुआ पत्थर से हुई है। प्रिंट फोटो ताजमहल की महानता को उचित सिध्द नहीं करते हैं क्योंकि ताजमहल जिसकी ऊंचाई हैं ५६१ फ़ीट, यहएक ५१ हेक्टेयर के सुंदर परिसर काकेंद्र पीस है। केंद्रीय संरचना के आस-पास इस असाधारण परिसर में एक बहुत सजावटी गेटवे, डिजाइनर गार्डन, एक अद्भुत और कुशल जल प्रणाली और एक मस्जिद शामिल है।

ताजमहल की मुख्य केंद्रीय संरचना जो एक गुंबद संरचना है, चार कोनों पर चार खंभे (या मीनार) से घिरा हुआ है और इसकी वास्तुकला में यह समरूपता इसकी सुंदरता को बढ़ाती है।ताजमहल के बाहरी हिस्से में संगमरमर की सफेद पृष्ठ भूमि के प्रतिकूल ओपल, लैपिस, जेड समेत कीमती रत्नों की सुंदर बनावट है।

ताजमहल सूर्य और चंद्रमा से रोशनदान को परावर्तित करता है। सुबह सूरज की वृद्धि के दौरान यह गुलाबी दिखाई देता है, दोपहर के दौरान यह स्पष्ट सफेद दिखाई देता है, शाम को सूर्यास्त के दौरान यह सुंदर सुनहरा दिखाई देता है और चांदनी रात में यह आकर्षक चांदी कि तरह चमकिला दिखाई देता है। वास्तव में ये एक अद्भुत स्मारक है चुकी यह स्मारक शाहजहाँ ने अपनी पत्नी के लिए बनाया था, यह बदलते रंग – इतिहासकारों के अनुसार–उनकी पत्नी (एक महिला) के मनोवृति को प्रतिनिधित्व करते है। दुर्भाग्यवश शाहजहां के जीवन के आखरी ८ वर्ष बहुत ही दुखदथे, जब उन्ही के अपने बेटे औरंगजेब (जो अगले मुगल सम्राटथे) ने उन्हें गिरफ्तार किया और आगरा के किले (ताजमहल से२.७ किमी की दूरी पर स्थित)में कैद रखा।

ऐसा माना जाता है कि शाहजहां अपने आखिरी सालो में, ताजमहल को किले से देखा करते थे जहां वो कैद थे और अपनी प्यारी पत्नी मुमताज को याद किया करते थे. उनकी मृत्यु के बाद उन्हें ताजमहल में अपनी पत्नी की कब्र के साथ शवधानीत किया गया।

मुगल साम्राज्य के पतन के बाद और भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान, ताजमहल परिसर में बगीचे को और अधिक सुंदर अंग्रेजी लॉन बनाया गया था जैसा कि हम उसे आज देखते हैं। १९८३ से ताजमहल ‘यूनेस्को विरासत स्थल’ है जिस की देख रेख‘ भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण’ द्वारा की जा रही है।आज दुनिया भर के पर्यटकों काझुकाव इसकी लोकप्रियता और इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है । सालाना लगभग ७ से ८ मिलियन आगंतुकों का यहां आगमन होता है इनमे से ८ लाख से भी अधिक विदेशी पर्यटक है। यह ‘ट्रैवलर्स पत्रिका’ द्वारा दुनिया में पांचवां सबसे लोकप्रिय और एशिया में दूसरे स्थान पर है। चूंकि भारत में गर्मी अनुकूल नहीं है, इसलिए ताजमहल जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है। यह शुक्रवार को बंद रहता है हालांकि मुसलमानों के लिए अपनी प्रार्थनाएं करने के लिए दोपहर में खुला रहता है। संरचना को नुकसान से बचानेके लिए, मॉलोलियम में टहलने वाले पर्यटकों को श्वेत आवरण दिए जाते हैं।

सभी ऐतिहासिक साक्ष्य, कहानियों और उपाख्यानों से, ताजमहल को शाहजहां की पत्नी और मुमताज के प्रेम और भक्ति के सच्चे प्रतीक के रूप में जाना जाता है। यह वास्तुकला के सबसे शानदार रचनाओं में से एक है और वास्तव में एक उदास, हार्दिक लेकिन आश्चर्यजनक शाही प्यार का प्रतीक है।




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